देशसेवा करने के आसान तरीके- एक प्रेरक प्रसंग
एक बूढ़ा व्यक्ति सड़क के एक किनारे खड़ा इधर-उधर देख रहा था। वह सड़क पार करना चाह रहा था पर लगातार वाहनों के आवागमन के कारण उसे सड़क पार करने में असुविधा हो रही थी। वह व्यक्ति दो कदम आगे बढ़ता फिर पीछे लौट आता। वह लगातार कोशिश कर रहा था। इस बार फिर जैसे ही आगे बढ़ा एक बाइक से आते हुए युवक ने जो कि उसी के बिलकुल करीब से गुजर रहा था उस बुजुर्ग व्यक्ति को अपशब्द कहा और बोला " ओ बुढ़ऊ ऊपर जाने की ज्यादा जल्दी है क्या??" और निकल गया। फिर उधर से गुजर रहे दो चार व्यक्तियों से उस बुजुर्ग व्यक्ति ने मदद माँगी मगर उन सब ने कोई न कोई बहाना बना टाल दिया। उधर से सुरेश नाम के एक सज्जन गुजर रहे थे..साथ में उनकी पत्नी और एक 12 साल का बेटा विजय भी था...सुरेश अपने परिवार समेत अनाथालय में वस्त्र दान करने जा रहे थे..उस दिन उनके बेटे का जन्मदिन था.. जब उधर से गुजरे ये..तो बूढ़े व्यक्ति ने इनसे भी मदद माँगी..सुरेश जी तिलमिला उठे,कहने लगे "आई एम् सॉरी बाबा, मेरे पास समय नही है..आज मेरे बेटे का जन्मदिन है..तमाम काम हैं..एक ज़रूरी जगह पुण्य का काम करने जा रहा हूँ ..बेहतर होगा कि आप किसी और से मदद की गुहार लगायें मुझे यकीं है कोई न कोई मदद कर ही देगा कई फ़ालतू लोग पड़े हैं हेहेहेहे हीहीही.." सुरेश का बेटा विजय ये सब देख रहा था..सुरेश आगे बढ़ चल दिया..पर ये क्या..?इस कहानी का उद्देश्य बस इतना ही था कि आपको देशसेवा करने के लिए कोई तुर्रम खां नही बनना है। ऐसे बहुत से अच्छे काम हैं जिन्हें करके आप देश सेवा कर सकते हैं। अगर आपसे हो सकता है और आपको लगता है कि आप किसी की मदद कर सकते हैं तो सोंचिये मत ज़रूर कीजिये..जरुरी नही है कि देशसेवा केवल रुपयों पैसो को दान करके ही की जाए..दूसरों की मदद करके भी आप देशसेवा कर सकते हैं..ऐसे बहुत से लोग हैं जो सडक पर मदद माँगते हैं तो आपका फर्ज बनता है कि थोड़ा सा समय निकालकर मदद करें। आपका कुछ जायेगा नही बल्कि आपको दुआ मिलेगी, आशीर्वाद मिलेगा। हो सकता है कि मेरे इस लेख को पढ़कर कुछ लोगों की मदद हो जाये कुछ लोगों की आँखे खुल जाएँ..:)
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