Tuesday, 30 September 2014

PC/Laptop Shortcut Keys

Computer/Laptop Keyboard Shortcut Keys


Shortcut KeysDescription
Alt + FFile menu options in current program.
Alt + EEdit options in current program
Alt + TabSwitch between open programs
F1Universal Help in almost every Windows program.
F2Rename a selected file
F5Refresh the current program window
Ctrl + NCreate a new, blank document in some software programs
Ctrl + OOpen a file in current software program
Ctrl + ASelect all text.
Ctrl + BChange selected text to be Bold
Ctrl + IChange selected text to be in Italics
Ctrl + UChange selected text to be Underlined
Ctrl + FOpen find window for current document or window.
Ctrl + SSave current document file.
Ctrl + XCut selected item.
Shift + DelCut selected item.
Ctrl + CCopy selected item.
Ctrl + InsCopy selected item
Ctrl + VPaste
Shift + InsPaste
Ctrl + KInsert hyperlink for selected text
Ctrl + PPrint the current page or document.
HomeGoes to beginning of current line.
Ctrl + HomeGoes to beginning of document.
EndGoes to end of current line.
Ctrl + EndGoes to end of document.
Shift + HomeHighlights from current position to beginning of line.
Shift + EndHighlights from current position to end of line.
Ctrl + Left arrowMoves one word to the left at a time.
Ctrl + Right arrowMoves one word to the right at a time.
Ctrl + EscOpens the START menu
Ctrl + Shift + EscOpens Windows Task Manager
Alt + F4Close the currently active program
Alt + EnterOpen the Properties for the selected item (file, folder, shortcut, etc.)


PC shortcut keys for Special Characters

There are many special characters that can be created using keyboard shortcuts. Below are some of the more common and popular special characters and the keyboard shortcuts to create them.
Shortcut KeysSpecial Character
Alt + 0224à
Alt + 0232è
Alt + 0236ì
Alt + 0242ò
Alt + 0241ñ
Alt + 0228ä
Alt + 0246ö
Alt + 0252ü
Alt + 0248ø
Alt + 0223ß
Alt + 0198Æ
Alt + 0231ç
Alt + 0191¿
Alt + 0176°  (degree symbol)
Alt + 0177± (plus/minus symbol)
Alt + 0153
Alt + 0169©
Alt + 0174®
Alt + 0128€  (Euro currency)
Alt + 0162¢  (Cent symbol)
Alt + 0163£  (British Pound currency)
Alt + 0165¥ (Japanese Yen currency)






Monday, 29 September 2014

A Simple Story- Must read

देशसेवा करने के आसान तरीके- एक प्रेरक प्रसंग

एक बूढ़ा व्यक्ति सड़क के एक किनारे खड़ा इधर-उधर देख रहा था। वह सड़क पार करना चाह रहा था पर लगातार वाहनों के आवागमन के कारण उसे सड़क पार करने में असुविधा हो रही थी। वह व्यक्ति दो कदम आगे बढ़ता फिर पीछे लौट आता। वह लगातार कोशिश कर रहा था। इस बार फिर जैसे ही आगे बढ़ा एक बाइक से आते हुए युवक ने जो कि उसी के बिलकुल करीब से गुजर रहा था उस बुजुर्ग व्यक्ति को अपशब्द कहा और बोला " ओ बुढ़ऊ ऊपर जाने की ज्यादा जल्दी है क्या??" और निकल गया। फिर उधर से गुजर रहे दो चार व्यक्तियों से उस बुजुर्ग व्यक्ति ने मदद माँगी मगर उन सब ने कोई न कोई बहाना बना टाल दिया। उधर से सुरेश नाम के एक सज्जन गुजर रहे थे..साथ में उनकी पत्नी और एक 12 साल का बेटा विजय भी था...सुरेश अपने परिवार समेत अनाथालय में वस्त्र दान करने जा रहे थे..उस दिन उनके बेटे का जन्मदिन था.. जब उधर से गुजरे ये..तो बूढ़े व्यक्ति ने इनसे भी मदद माँगी..सुरेश जी तिलमिला उठे,कहने लगे "आई एम् सॉरी बाबा, मेरे पास समय नही है..आज मेरे बेटे का जन्मदिन है..तमाम काम हैं..एक ज़रूरी जगह पुण्य का काम करने जा रहा हूँ ..बेहतर होगा कि आप किसी और से मदद की गुहार लगायें मुझे यकीं है कोई न कोई मदद कर ही देगा कई फ़ालतू लोग पड़े हैं हेहेहेहे हीहीही.." सुरेश का बेटा विजय ये सब देख रहा था..सुरेश आगे बढ़ चल दिया..पर ये क्या..?  उनके साथ विजय नही था..सुरेश ने कुछ दूर चलने के बाद यह ध्यान दिया..इधर उधर देखने लगा, हाय तोबा मचाने लगा कि कहाँ गया मेरा विजय..और अपनी पत्नी को फटकारते हुए कहा" एक ठो लड़का है उसे भी नही संभाल सकती तू" फिर सुरेश अपनी पत्नी को लेकर वापस लौटने लगा और उन दोनों पति पत्नी की निगाह विजय को ही ढूँढ रही थीं..। फिर उस स्थान पर पहुँचे जहाँ पर बूढ़े व्यक्ति ने मदद माँगी थी..विजय उसी स्थान पर सड़क के उस पार था और साथ में बूढ़ा व्यक्ति भी था..तभी जल्दी जल्दी दोनों मियाँ बीवी सड़क पार कर उसी जगह पहुँचे..और उन्होंने देखा कि बूढ़ा व्यक्ति विजय के सर पर हाँथ रख आशीर्वाद दे रहा था और कह रहा था कि " बेटा तुम्हे जीवन के सारे सुख मिलें..हर काम में सफल हो तुम..पढ़ लिख कर एक योग्य इन्सान बनो..धन्य हो तुम्हारे माँ बाप जो ऐसी संतान पैदा की" सुरेश की आँखे नम हो गईं थीं ये सब देख कर..और उसे बड़ा पछतावा भी हो रहा था उसने तुरंत ही बूढ़े व्यक्ति से क्षमा याचना की..जो काम उसे अपने बेटे को सिखाना चाहिए था वो उसके बेटे ने उसे सिखा दिया था..

इस कहानी का उद्देश्य बस इतना ही था कि आपको देशसेवा करने के लिए कोई तुर्रम खां नही बनना है। ऐसे बहुत से अच्छे काम हैं जिन्हें करके आप देश सेवा कर सकते हैं। अगर आपसे हो सकता है और आपको लगता है कि आप किसी की मदद कर सकते हैं तो सोंचिये मत ज़रूर कीजिये..जरुरी नही है कि देशसेवा केवल रुपयों पैसो को दान करके ही की जाए..दूसरों की मदद करके भी आप देशसेवा कर सकते हैं..ऐसे बहुत से लोग हैं जो सडक पर मदद माँगते हैं तो आपका फर्ज बनता है कि थोड़ा सा समय निकालकर मदद करें। आपका कुछ जायेगा नही बल्कि आपको दुआ मिलेगी, आशीर्वाद मिलेगा। हो सकता है कि मेरे इस लेख को पढ़कर कुछ लोगों की मदद हो जाये कुछ लोगों की आँखे खुल जाएँ..:)

Friday, 26 September 2014

एक अधूरी प्रेम कहानी

An Incomplete Love Story In Hindi

ये क्या है..??? किसका आइडेंटिटी कार्ड है??जय सुबह-सुबह मॉर्निंग वाक पे जा रहा था तभी रोड पे उसे ये आई कार्ड पड़ा हुआ दिखा..आई कार्ड पर लिखा था
नाम- शालू शुक्ला
कक्षा-बी.ए द्वितीय वर्ष
और पिता जी का नाम, कॉलेज का नाम और पता भी लिखा हुआ था।  उस आई कार्ड पर एक पासपोर्ट साइज़ की फोटो भी थी उसमे शालू बड़ी ही खुबसूरत नज़र आ रही थी। 
जय(मन में सोंचते हुए)- कितनी प्यारी लग रही है क्यों न इस से मिला जाये..इसका आई कार्ड पहुँचाने के बहाने..मगर कोई मुझे गलत न समझ ले। न जाने कौन कौन हो उसके परिवार में। समझ में नही आ रहा दूँ या न दूँ।
चलो दे ही देता हूँ मेरे घर से 5 किमी ही तो दूर है ये पता..जो होगा देखा जायेगा।
जय उस पते पर पहुँचता है और डोर बेल बजाता है..
एक बूढ़े व्यक्ति दरवाजा खोलने आते हैं..
बुजुर्ग व्यक्ति(बड़े ही चिडचिडे स्वाभाव से)- क्या चाहिए..कौन हो तुम किस से मिलना है..
जय- जी शालू का यही घर है??
बूढ़ा व्यक्ति- अच्छा तो तू यहाँ तक आ गया मेरी बेटी को परेशां करने?? पहले कॉल करके परेशान करता था और अब इतनी  हिम्मत की..कि सीधे यहाँ चला आया..रुक पुलिस को बुलाता हूँ रुक साले रुक भो****
जय- जी आप गलत समझ रहे हैं जरा तमीज से पेश आइये। आप बड़े हैं बस इसीलिए लिहाज कर रहा हूँ..।
शालू के पिता- अच्छा तो तू मेरे ही घर आकर मुझी से अकड़ेगा हाँ बोल बोल???????
जय- अंकल जी एक बात सुन लीजिये मै उन लड़को जैसा नही हूँ और न ही आपकी सुपुत्री से मिलने आया हूँ न ही कोई शौक है वो तो बस सुबह मुझे ये आई कार्ड मिल गया था उसी को लौटने आया हूँ ये देखिये...
और जय उनके हाँथ में आई कार्ड थमा देता है..
बूढ़ा व्यक्ति या यूँ कहूँ शालू का पिता आई कार्ड में आँखे गड़ा कर देखता है। शायद दूर दृष्टि दोष था उनको...
शालू के पिता- अरेरे माफ करना बेटा...मै बिना सोंचे समझे इतना कुछ बोल गया..आओ अन्दर आओ बेटा चाय पि लो ?
जय- सॉरी अंकल में चाय नही पीता..
पास खड़ी शालू ये सब देख रही थी..
तभी उसकी आवाज आई- पी लीजिये न..इतनी रिक्वेस्ट कर रहे हैं पापा..प्लीज पी लीजिये..और थैंक यू सो मच..मेरे आई कार्ड के लिए..
वो क्या मीठी आवाज थी जय तो कुछ पल के लिए खो ही गया और जब उसकी नज़र शालू से मिली तब माशाल्लाह क्या कहना..वो बला की खुबसूरत..फोटो से भी 10 गुना ज्यादा खुबसूरत थी..मन कर रहा था कि बस उसी की नजरों में खो जाऊं..जय कुछ समझ नही पाया क्या कहे??
जय- जी ज़रूर पियुङ्ग पियूँगा चाय..एंड यू आर सो ब्यूटीफुल..धीरे से उसने शालू के कान के पास कहा..
शालू मुस्कुरा कर चल दी..फिर वो सामने नही आई..जय भी चाय पीकर चला गया..
अब जय के पास कोई बहाना भी न था शालू के पास जाने का..वो बस रोज उसे उसके कॉलेज के आस पास और उसके घर के पास ढूंढ़ता..पर उसे शालू न दिखी..शायद उसके पिता उसे ज्यादा बाहर जाने की इज़ाज़त नही देते..पर जय उसे आज भी तलाश करता है..उसकी एक झलक पाने के लिए बेताब है..जय को उसके सिवाय और कोई लड़की अब पसंद नही...जय हमेशा यही सोंचता शायद किस्मत मिला देगी एक दिन......